सोमवार 21 सितंबर 2026 - 15:44
आयतुल्लाह ज़ंजानी ने अपना मुबारक जीवन फिक़्ह और अहले-बैत (अ) की शिक्षाओं की सेवा, धार्मिक ज्ञान के प्रचार-प्रसार में बिताया: इमाम जुमा करीमपुर, कर्नाटक

आयतुल्लाह अलउज़्मा शबीरी ज़ंजानी के निधन पर करीमपुर, कर्नाटक के इमाम जुमा मौलाना सैयद वसी हैदर रिज़वी आज़मी ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि आयतुल्लाह ज़ंजानी ने अपना मुबारक जीवन फिक़्ह और अहले-बैत (अ) की शिक्षाओं की सेवा तथा धार्मिक ज्ञान के प्रचार-प्रसार में बिताया।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, आयतुल्लाह अलउज़्मा शबीरी ज़ंजानी के निधन पर करीमपुर, कर्नाटक के इमाम जुमा मौलाना सय्यद वसी हैदर रिज़वी आज़मी ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि आयतुल्लाह ज़ंजानी ने अपना मुबारक जीवन फिक़्ह और अहले-बैत (अ) की शिक्षाओं की सेवा तथा धार्मिक ज्ञान के प्रचार-प्रसार में बिताया।

उन्होंने कहा कि हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद मूसा शुबैरी ज़ंजानी के दर्दनाक निधन पर मैं दिल की गहराइयों से ताज़ियत और शोक संवेदना व्यक्त करता हूँ।

यह महान दुखद घटना पूरी दुनिया के शिया समुदाय, हौज़ा-ए-इल्मिया, मराजे-ए-एज़ाम, उलेमा और फुज़ला तथा विशेष रूप से हज़रत वली-ए-अस्र, बक़ियतुल्लाह फ़िल-अर्ज़ीन, इमाम ज़माना हज़रत हुज्जत इब्नुल हसन अल-महदी (अ) की सेवा में अत्यंत दुख और अफ़सोस के साथ ताज़ियत पेश करने का अवसर है।

“मौतुल आलिमि मौतुल आलम” — एक रब्बानी आलिम का निधन केवल एक व्यक्ति से बिछड़ना नहीं, बल्कि पूरे ज्ञान और धार्मिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।

उन्होंने आगे कहा कि मरहूम मरजए-ए-आलीक़द्र ने अपना मुबारक जीवन फिक़्ह और अहले-बैत (अ) की शिक्षाओं की सेवा, धार्मिक ज्ञान के प्रचार-प्रसार और मसलक-ए-तशय्यु की शैक्षिक एवं ज्ञानवर्धक सेवा में बिताया।

बारगाह-ए-ख़ुदावंदे मुतआल में दुआ है कि हज़रत मुहम्मद (स) और आले-मुहम्मद (अ) के सदक़े में मरहूम आयतुल्लाहिल उज़्मा शुबैरी ज़ंजानी को अइम्मा-ए-ताहेरीन (अ) के पड़ोस में उच्च स्थान प्रदान करे, उनकी शैक्षिक और धार्मिक सेवाओं को स्वीकार करे तथा सभी मराजे-ए-एज़ाम, उलेमा और फुज़ला, हौज़ा-ए-इल्मिया, अहले-बैत (अ) के सभी चाहने वालों और मुक़ल्लिदों तथा विशेष रूप से उनके परिजनों और सम्मानित परिवार को सब्र-ए-जमील और अज्र-ए-जज़ील प्रदान करे।

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